Wednesday, 8 June 2016

0-429 कब्रों से वापिस निकल पड़े,

कब्रों से वापिस निकल पड़े हैं,
मुर्दों में जैसे जान आ गयी,
हांकने लगे बड़ी-बड़ी बातें वो,
कि चुनाव घड़ी पास आ गई..(वीरेंद्र)/0-429

रचना : वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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