Monday, 9 May 2016

2-418 सभी कुछ तो है मेरे

सभी कुछ तो है मेरे पास, मगर कुछ भी नहीं है,
इस ज़िन्दगी में अगर माँ, तेरी मौजूदगी नहीं है,
कभी कभी दिल करता है, मैं बच्चा बन जाऊँ,
पर संभव नहीं माँ, जब दुनियां में तू ही नहीं है..(वीरेंद्र)/2-418


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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