Monday, 9 May 2016

1-788 अब न कर कोई उम्मीद

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अब न कर कोई उम्मीद, न कर आरज़ू,
अजनबी आया, अजनबी चला जा यार तू..(वीरेंद्र)/1-788


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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