Thursday, 5 May 2016

1-786 ऐ खुदा ये कैसा नसीब

ऐ खुदा ये कैसा नसीब हमें नसीब हुआ है,
दौरे-ऐ-तरक्की में गरीब और गरीब हुआ है..(वीरेंद्र)/1-786


रचना: .वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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