Sunday, 17 April 2016

2-409 धरती क्यूं माने बादल का

धरती क्यूँ माने बादल का एहसान उसकी प्यास बुझाने का,
बादल का तो पुराना शग़ल है बिन मांगे पानी बरसाने का..(वीरेंद्र)/2-409


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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