Saturday, 2 April 2016

2-406 मै रोज़ यहाँ आ कर

मै रोज़ यहाँ आ कर  बैठ जाता हूँ,
वो कह कर गया था मै अभी आता हूँ..(वीरेंद्र)/2-406


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment