Tuesday, 12 April 2016

1-781 तेरी वफ़ा को कैसे

तेरी वफ़ा को कैसे हासिल मैं कर लेता,
बेवफा वक्त को भी तो मैं रोक नहीं पाया..(वीरेंद्र)/1-781


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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