Monday, 11 April 2016

1-780 चाहतों का खूँ किया जाय

चाहतों का ख़ूँ किया जाय ज़रूरी तो नहीं,
हर कोई चाहत हो नापाक, ज़रूरी तो नहीं..(वीरेंद्र)/1-780


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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