Saturday, 9 April 2016

1-778 वफ़ा-जफ़ा की बातें मत कर

वफ़ा-जफ़ा की बातें मत कर, रिश्ते निभाता जा,
रफ़ा-दफ़ा कर गिले शिकवे, मुहब्बतें बढ़ाता जा..(वीरेंद्र)/1-778


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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