Saturday, 9 April 2016

1-777 मै वाकिफ हूँ ज़माने के

मैं वाकिफ हूँ ज़माने के बदलते हुए मिज़ाज़ से,
मुझे किसी की बेवफाई ने नहीं, तनहाई ने मारा है..(वीरेंद्र)/1-777


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment