Wednesday, 6 April 2016

1-774 बड़े गज़ब के हुनरमंद

बड़े गज़ब के हुनरमंद हैं ज़माने में लोग,
अपनों को भी अजनबी बना देते हैं लोग..(वीरेंद्र)/1-774


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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