Friday, 25 March 2016

2-391फिर बंट गया अगर देश

फिर बंट गया गर देश मेरा तो, बोलो किसकी जवाबदारी है,
हाकिमों फ़ौरन बुझा दो, अभी तो ये महज़ एक चिनगारी है..(वीरेंद्र)/2-391


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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