Friday, 18 March 2016

2-389 बेहतर है मीठा रहना,

बेहतर है मीठा रहना छोटा सा दरिया बन कर,
बनिस्बत, खारा हो जाना बड़ा समंदर बन कर..(वीरेंद्र)/2-389


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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