Saturday, 19 March 2016

2-383 आपमें है लियाकत तो

आपमें है लियाकत तो काम कीजिये,
वर्ना तो सियासत में सलाम कीजिये,
कर नहीं सकते अगर खुद को बुलंद,
तो दूसरों को बेशक बदनाम कीजिये..(वीरेंद्र)/2-383


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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