Tuesday, 29 March 2016

1-766 बंद कर दिया मैखाना

बंद कर दिया मैख़ाना, जाम अभी बाकी है,
तिश्नगी से मेरी, बहुत अंजान मेरा साकी है..(वीरेंद्र)/1-766

रचना: वीरेंद्र सिन्हा अजनबी"

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