Friday, 25 March 2016

1-761 मुहब्बतों से नज़र मोड़ी नहीं

मुहब्बतों से नज़र मोड़ी नहीं जाती,
बेवफाई के डर से वफ़ा छोड़ी नहीं जाती..(वीरेंद्र)/1-761


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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