Thursday, 17 March 2016

1-759 तेरे आने से

तेरे आने से मेरे ग़म, होंगे कम नहीं,
बस एक तन्हाई ही तो मेरा ग़म नहीं..(वीरेंद्र)/1-759


रचना: वीरेंद्र सिन्हा 'अजनबी"

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