Wednesday, 2 March 2016

1-752 जितनी तेरी रजा हो

जितनी तेरी रज़ा हो ऐ मेरे खुदा, मुझे अलम दे दे,
साथ में मगर तकदीर लिखने वाली मुझे कलम दे दे..(वीरेंद्र)/1-752


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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