Monday, 15 February 2016

2-375 अलविदा महफिलों की शान

अलविदा महफ़िलों की शान, "निदा", 
हम न कभी भूलेंगे तेरी शायरी की अदा..( वीरेंद्र)/2-375

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment