Monday, 15 February 2016

2-374 तू भी हो गया "निदा"

तू भी हो गया "निदा" उधर का
रुख हवाओं का था जिधर का..(वीरेंद्र)/2-374


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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