Friday, 5 February 2016

2-363 इंसान से क्या रिश्ता

इंसान से तेरा क्या रिश्ता बन्दे,
जब इंसानियत ही नहीं तुझमे।
मुहब्बत भी क्या ख़ाक करेगा,
भरी है जब नफरत ही तुझमे।।.(वीरेंद्र)/2-363


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी".

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