Thursday, 4 February 2016

2-360 बुनियाद मज़बूत भी हो

बुनियाद मज़बूत भी हो तो, इमारत को खतरा दरारों से है 
रिश्तों को खतरा ज़माने से नहीं, दिलों में खड़ी दीवारों से है,.(वीरेंद्र)/2-360

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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