Saturday, 27 February 2016

1-749 दूसरों से ही सुना

दूसरों से ही सुना करते थे दर्दे-बेवफाई 
आज जब खुद झेली तो समझ में आई..(वीरेंद्र)/1-749


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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