Wednesday, 17 February 2016

1-746 मुस्कुरा के हम जितना

मुस्कुरा के हम जितना दर्द-ऐ-दिल छुपाते हैं
आंसू हर बार कोशिशों पर पानी फेर जाते हैं..(वीरेंद्र)/1-746


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"....

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