Monday, 15 February 2016

1-745 न जाने किस चीज़ को

न जाने किस चीज़ को लोग रूहानी कहने लगे हैं,
जो मामूली ठसक से भी रिश्ते रूहानी टूटने लगे हैं..(वीरेंद्र)/1-745


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"...

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