Tuesday, 2 February 2016

1-739 पहले तो सुरमे की तराह

पहले तो सुरमे की तराह आँखों में लगाया हमें,
फिर क्यूं पानी की तराह आँखों से बहाया हमें..(वीरेंद्र)/1-739

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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