Tuesday, 23 February 2016

0-545 बच्चे आजकल जल्दी

बच्चे आजकल जल्दी जवाँ हो रहे हैं, 
और जवान बेचारे जल्दी बूढ़े हो रहे हैं,
सम्बन्ध मज़बूत होने में लगते हैं वर्षों,
पर विच्छेद आनन्-फानन में हो रहे हैं..(वीरेंद्र)/0545


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"...

No comments:

Post a Comment