Wednesday, 27 January 2016

2-362 हर आत्महत्या अति दुखद

हर आत्महत्या अति दुखद 'आत्म-हत्या' है,
चाहे किसान की हो या हो किसी परेशान की,
उसकी लाश को धर्म जाति का नाम मत दो,
मौत तो मौत है हिंदू दलित या मुसलमान की..(वीरेंद्र)/2-362

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.रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"...

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