Monday, 25 January 2016

2-354 आतंकी को कोई डर नहीं

आतंकी को अब डर नहीं, उसका धर्म बदनाम नहीं होता,
क्योंकि हमने मान लिया है उसका धर्म-ईमान नहीं होता..(वीरेंद्र)/2-354

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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