Monday, 25 January 2016

2-350 एक वक्त आता है जब

एक वक्त आता है जब लोग रंग दिखाने लगते हैं,
ज़रा तरजीह मिली नहीं कि, भाव खाने लगते हैं..(वीरेंद्र)/2-350

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment