Tuesday, 5 January 2016

2-332 गरीबों को भूख

गरीबों को भूख लगती है और मिट जाती है,
अमीरों को भी लगती है, मगर मिटती नहीं..(वीरेंद्र)/2-332

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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