Saturday, 30 January 2016

1-732 मेरे प्यार के अंदाज़ हैं

मेरे प्यार के अंदाज़ हैं वो जिन्हें तुम कहते हो सितम,
कब तुम ढहाओगे हम पर उन्हें, इंतज़ार में बैठे हैं हम,.(वीरेंद्र)/1-732


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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