Tuesday, 5 January 2016

1-713 वो तो थीं उनकी

वो तो थीं उनकी तल्ख़ बेरुखियाँ,
हम जिन्हें उनकी मजबूरियां समझ बैठे..(वीरेंद्र)/1-713

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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