Tuesday, 5 January 2016

1-710 अच्छा है ख़ामोशी अख्तियार

अच्छा है ख़ामोशी अख्तियार कर ली तुमने,
मुझे भी मुगालते में खुश रहने की आदत है..(वीरेंद्र)/1-710

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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