Sunday, 27 December 2015

0-525 मुहब्बत में अब आप

मुहब्बत में अब आप तल्खियाँ घोलने लगे,
बिगड़ने लगे हो जब से अंग्रेजी बोलने लगे,
मैंने कहा था इतनी ज्यादा तरक्की न करो,
के इंसान को इंसान पैमानों पर तोलने लगे..(वीरेंद्र)/0525

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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