Tuesday, 28 July 2015

0-508 अपनों से डरता हूँ

अपनों से डरता हूँ,
बड़े गैर होते हैं वो,
दिल तोड़ते हैं वही,
दिल में रहते हैं जो..(वीरेंद्र)/0-508 

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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