Thursday, 16 July 2015

0-505 खून खराबे लूटपाट

खूनखराबे लूटपाट की बुनियाद पर तामीर,
महलों से निकले हैं ये रहनुमा मुफलिसों के,
सभी गरीब आओ, उनके हाथ मज़बूत करें,
ताकि वे हासिल कर सकें हकूक मजलूमों के..(वीरेंद्र)/0-505

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment