Thursday, 16 July 2015

0-504 लूटने का जिसको मौका

लूटने का जिसको मौका है मिल रहा वो भ्रष्टाचारी है,
अवसर जिसको नहीं मिला, वो ही एक सदाचारी है,
सुनियोजित ढंग से सभी लूट रहे बेचारी जनता को,
आज इस दल की बारी, तो कल उस दल की बारी है..(वीरेंद्र)/0504

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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