Thursday, 16 July 2015

0-502 ऐसा नहीं सिर्फ कागज़

 ऐसा नहीं सिर्फ कागज़ कलम इश्क ही चाहिए,
शेरो शायरी करने को थोडा सा हुनर भी चाहिए,
इश्क तो दे देता है हसीन जज़्बात-ओ-ख्यालात,
ढालने को उन्हें ग़ज़ल में एक शायर भी चाहिए..(वीरेंद्र)/0-502

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment