Friday, 29 May 2015

2-306 जिनके पास उपलब्धियां

जिनके पास उपलब्धियां नहीं अपनी गिनाने को,
अपने व्यक्तित्व में एक भी गुण नहीं बताने को,
वे बेचारे किस्मत के मारे राजनीति करें भी तो कैसे,
बस ढूंढते ही रहते हैं  मन-घडंत इल्जाम लगाने को..(वीरेंद्र)/2-306

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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