Tuesday, 12 May 2015

2-283 आज के ज़माने में बड़े

आज के ज़माने में बड़े ही मेहरबां होते हैं लोग,
खुद देखें या न देखें, हमें आइना दिखा देते हैं लोग..(वीरेंद्र)/2-283

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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