Monday, 1 June 2015

1-656 कोशिश न कर ऐ ख़ुशी

कोशिश न कर ऐ ख़ुशी, मुझे मेरे ग़मों से जुदा करने की,
ता-उम्र इन्होने साथ निभाया है, तू तो एक पल को आई है..(वीरेंद्र)/1-656

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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