Friday, 29 May 2015

1-654 उसे तलाश है किसी की

उसे तलाश है किसी की तो मै उसकी तलाश हो जाऊं,
उसे गर आरज़ू है किसी की तो वो आरज़ू मै हो जाऊं..(वीरेंद्र)/1-654

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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