Monday, 28 July 2014

1-261-"कासिद से न पूछ मेरा

कासिद से न पूछ मेरा हाले-दिल,
मेरी कैफियत बयाँ लिफ़ाफ़े में है..(वीरेंद्र)/1-261

रचना:वीरेंद्र सिन्हा ("अजनबी")

Tuesday, 8 July 2014

1-487-"तुम्हारे रास्ते की अगर

तुम्हारे रास्ते की अगर दीवार हूँ मै, तो गिरा क्यों नहीं देते,
छीनकर मेरे हिस्से की खुशियाँ, गैर पर लुटा क्यों नहीं देते..(वीरेंद्र)/1-487

रचना: वीरेंद्र सिन्हा ("अजनबी")