Wednesday, 30 November 2011

1-291- ज़रूर दिल पे ले लिया ..

ज़रूर दिल पे ले लिया है कोई इलज़ाम उसने,
वरना पहले तो कभी वो इतना मसरूफ ना रहा..(वीरेंद्र)/291

रचना: वीरेंद्र सिन्हा ("अजनबी")

1-015- वो जिनकी तारीफ़ में हमने

वो जिनकी तारीफ में हमने कसीदे पढ़े, इतनी दिलदारी से,
उन्होंने शायरी पर हमारी दाद भी दी तो किफायतशारी से..(वीरेंद्र)/1-015

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"